प्रयोजन
विद्या के ऐसे क्षेत्रों में, जहाँ विश्वविद्यालय उपयुक्त समझे, शिक्षण एवं शोध की सुविधा प्रदान कर ज्ञान का प्रचार-प्रसार करना, अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों के मानविकी, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में संश्लेषित पाठ्यक्रमों के लिए विशेष प्रावधान करना, अध्ययन एवं शिक्षा अर्जन पद्धति तथा अंतरविषयी अध्ययन एवं शोध में नव विचारों को बढ़ावा देने हेतु उपयुक्त उपाय करना, देश के विकास के लिए जनशक्ति को शिक्षित एवं प्रशिक्षित करना, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उन्नयन हेतु उद्योगजगत से तारतम्य स्थापित करना तथा लोगो की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति, उनके कल्याण तथा उनकी बौद्धिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक विकास की ओर विशेष ध्यान देना विश्वविद्यालय के प्रयोजन होंगे ।
शैक्षणिक पाठ्यक्रम के मुख्य आकर्षण
प्रवेश में राष्ट्रीय स्वरुप का पोषण
केंद्रीय विश्वविद्यालय संयुक्त प्रवेश परीक्षा के माध्यम से छात्रों का नामांकन
सेमेस्टर पद्धति
स्वेच्छा आधारित क्रेडिट प्रणाली
“सतत आन्तरिक मूल्यांकन” इस विश्वविद्यालय की मूल्यांकन प्रणाली की आधारभूत विशेषता है ।
पीठ (स्कूल)
बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय परिनियम में 14 पीठों की स्थापना का प्रावधान है। शैक्षिक सत्र 2011-2012 से पाँच पीठों के अधीन आठ केन्द्रों / विभागों में स्नातकोत्तर (मास्टर) कार्यक्रम संचालित है ।
संपर्क:
बिहार केंद्रीय विश्विद्यालय
कैम्प कार्यालय: बीआईटी परिसर डाकघर-बी.वी. कालेज
पटना - 80 00 14
विद्यार्थीगण
स्नातकोत्तर पाठयक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या 153 है ।
महत्वाकांक्षा
सामूहिक तर्ककुशलता हमारी महत्वाकांक्षा है ।
केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 की धारा 44 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केन्द्रीय सरकार ने इस विश्वविद्यालय की प्रथम कार्यकारिणी परिषद् तथा विद्वत् परिषद् का गठन किया है ।